Airag Cheese Balls(ऐराग पनीर बॉल्स)
Aaruul
खमीर उठे घोड़ी के दूध (ऐराग) से बने सूखे दही से बनने वाला एक पारंपरिक मंगोलियाई स्नैक। ये पनीर बॉल्स एक अनोखे और खट्टे स्वाद वाले व्यंजन हैं, जिन्हें अक्सर पोषण और कैल्शियम के स्रोत के रूप में खाया जाता है, खासकर लंबी यात्राओं या खानाबदोश जीवन शैली में।

🧂 सामग्री
- 1 liter ऐराग (खमीर उठा घोड़ी का दूध)
- 1 piece मलमल का कपड़ा या बारीक छन्नी
- 1/2 tsp नमक(वैकल्पिक, स्वादानुसार)
👨🍳 निर्देश
- 1
एक बड़े बर्तन में ऐराग को धीमी आँच पर धीरे-धीरे गरम करें। उबालें नहीं। इसका उद्देश्य ठोस पदार्थों को तरल से अलग होने के लिए प्रोत्साहित करना है।
💡 पेशेवर सुझाव: जलने से बचाने के लिए बीच-बीच में हिलाते रहें। - 2
जब दही (curds) बन जाए और मट्ठा (whey) से अलग हो जाए, तो मिश्रण को सावधानी से मलमल के कपड़े से ढकी हुई छननी या बारीक जाली वाली छन्नी में डालें जो एक कटोरे के ऊपर रखी हो।
- 3
मट्ठा को कम से कम 30 मिनट तक या तब तक निकलने दें जब तक कि दही (curds) काफी सूख न जाए। आप अधिक तरल निकालने के लिए दही को धीरे से दबा भी सकते हैं।
- 4
सूखे हुए दही (curds) को एक साफ कटोरे में निकाल लें। यदि चाहें तो नमक मिलाएँ।
💡 पेशेवर सुझाव: इस स्तर पर दही (curds) भुरभुरे होने चाहिए। - 5
दही के मिश्रण के छोटे-छोटे हिस्से लेकर उन्हें काटने लायक आकार की बॉल्स में रोल करें। नमी की मात्रा निर्धारित करेगी कि वे कितनी अच्छी तरह अपना आकार बनाए रखेंगे।
- 6
पनीर बॉल्स को पार्चमेंट पेपर लगी एक साफ प्लेट या ट्रे पर रखें। उन्हें किसी गर्म, सूखी जगह पर या बहुत धीमी आँच वाले ओवन (लगभग 50°C/120°F) में, दरवाजा थोड़ा खुला रखकर, तब तक सुखाएं जब तक कि वे सख्त और कड़े न हो जाएं।
💡 पेशेवर सुझाव: सुखाने का समय आर्द्रता और वांछित कड़कपन के आधार पर अलग-अलग होगा। उन्हें लंबे समय तक स्टोर करने के लिए पर्याप्त कड़े होने चाहिए।
💡 पेशेवर सुझाव
- ✓ऐराग की गुणवत्ता अंतिम उत्पाद पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है।
- ✓खराब होने से बचाने के लिए अच्छी तरह सुखाना सुनिश्चित करें।
- ✓यदि ठीक से सुखाया जाए तो आरूल (Aaruul) को कमरे के तापमान पर लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है।
✨ रूपांतरण के विचार
इस रेसिपी के अपने संस्करण के लिए प्रेरणा
- कुछ भिन्नताओं में मीठे स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में चीनी या शहद मिलाना शामिल है।
- सुखाने की प्रक्रिया के दौरान पुदीना या डिल जैसी जड़ी-बूटियों का उपयोग करना।